सामान्य हिन्दी |
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19. मुहावरे और कहावत |
20. अलंकार |
3. हिन्दी व्याकरण : विशेषण (Adjective)
3. हिन्दी व्याकरण : विशेषण (Adjective)
विशेषण (ADJECTIVE)
जो शब्द संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता बताए उसे विशेषण कहते हैं। विशेषण के तीन भेद बताए गए हैं
1. सार्वनामिक विशेषण
2. गुणवाचक विशेषण
3. संख्यावाचक विशेषण
2. परिमाणवाचक विशेषण : माप, तौल और मात्र का बोध करानेवाले शब्द को ‘परिमाणवाचक विशेषण’ कहते हैं।
जैसे:
पूरा काम, थोड़ा खाना, सब लड़के बहुत अनाज, एक किलो दूध, दो किलो दाल, तीन गज कपड़ा चार कट्टा जमीन, पांच भर सोना।
प्रविशेषण
परिभाषा: विशेषण अथवा क्रियाविशेषण की विशेषण बतलानेवाल े शब्द को ‘प्रविशेषण’ कहते हैं। जैसे:
बहुत लंबा आदमी, अत्यंत कोमल ”दय, सहज-सुंदर कविता, महंगी फुटपाथी कमीज, सिंदूरी लाल रंग, अतिशय विश्वासी व्यक्ति, अति स्वादिष्ट भोजन,सुंदर सजीला युवक।
इन वाक्यांशों में बहुत, अत्यंत, सहज, महंगी, सिंदूरी, अतिशय, अति और संदुर प्रविशेषण हैं।
तुलनाबोधक विशेषण
परिभाषा: एक वस्तु या भाव की तुलना दूसरी वस्तु या भाव से करने को ‘तुलनात्मक विशेषण’ कहते है। जैसे-
श्याम से मोहन अच्छा लड़का है।
इस घोड़े की बनिस्वत वह तेज घोड़ा है।
सुरेंद्र की अपेक्षा मनोहर अधिक सज्जन है।
दो वस्तुओं में अच्छाई या बुराई दर्शाने के लिए विशेषण शब्दों के अंत में ‘तर’ और ‘तम’ लगाया जाता है।
एक की अपेक्षा दूसरे में अधिक विशेषता दिखाने के लिए ‘तर’ प्रत्यय लगाया जाता है। जैसे-सोहन से मोहन सुंदरतर है।
इसी प्रकार किसी की विशेषता की अपेक्षा दूसरे में सर्वाध िक विशेषता दिखाने के लिए ‘तम’ प्रत्यय लगाया जाता है। जैसे- मानव तुम सुंदरतम हो।
विशेषण | उत्तरावस्था | उत्तमावस्था |
उच्च | उच्चतर | उच्चतम |
निकट | निकटतर | निकटतम |
महत् | महत्तर | महत्तम |
लघु | लघुतर | लघुतम |
निम्न | निम्नतर | निम्नतम |
बुराई दिखलाने के लिए निम्नतर, निम्नतम, निकृष्टतम आदि विशेषणों को प्रयोग होता है।
