11. पर्यायवाची
11. पर्यायवाची
इसे प्रतिशब्द भी कहते हैं। जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है, उन्हें हम पर्यायवाची शब्द अथवा प्रतिशब्द कहते हैं। हिन्दी में तत्सम पर्यायवाची शब्द ही अधिक पाए जाते हैं जो संस्कृत से हिन्दी में आए हैं।
शब्द पर्याय
अमृत : पीयूष, सुधा, अमिय, जीवनमोदक, सोम, सुरभोग।
अग्नि : आग, पावक, अनल, वह्नि, हुताशन, कृशानु, वैश्वानर, वायुसखा, दहन, धूमकेतु।
असुर : दनुज, दानव, दैत्य, राक्षस, निशिचर, निशाचर,रजनीचर, यातुधान।
अनुपम : अपूर्व, अनोखा, अद्भुत, अनूठा, अद्वितीय, अतुल।
अश्व : घोड़ा, वाजि, हय, घोटक, तुरंग, सैंधव।
अचल : पर्वत, पहाड़, गिरि, शैल, स्थावर।
अनिल : हवा, वायु, पवन, समीर, वात, मरूत्।
अहि : सर्प, नाग, भुजंग, सांप, तक्षक।
आंख : नयन, नेत्र, लोचन, चक्षु, दृग।
आकाश : व्योम, गगन, अम्बर, नभ, आसमान, अनन्त।
इन्द्र : देवराज, सुरपति, महेन्द्र, मेघराज, पुरन्दर, मघवा, शचीपति, जिष्णु।
ईर्ष्या : डाह, जलन, मत्सर, कुढ़न।
उद्यान : उपवन, बाग, बगीचा।
औरत : स्त्री, वामा, महिला, वनिता, रमणी, अंगना।
कमल : पद्म, अरविन्द, सरोज, जलज, कंज, सरसिज, उत्पल, वारिज, नलिन।
कुबेर : धनद, धनाधिप, यक्षराज, किन्नरेश।
कवि : रचनाकार, रचयिता, शायर।
किताब : पुस्तक, ग्रन्थ, पोथी।
क्रोध : कोप, रोष, प्रकोप, अमर्ष।
खग : पक्षी, पंछी, चिड़िया, विहंग, नभचर।
गंगा : भागीरथी, देवनदी, जाह्नवी, सुरसरिता, अलकनन्दा, देवापगा।
गज : हाथी, नाग, कु×जर, मातंग, द्विप, हस्ती, करी।
