13. अनेकार्थक शब्द
13. अनेकार्थक शब्द
इसे ही अनेकार्थक शब्द, भिन्नार्थक शब्द अथवा अनेकार्थी शब्द कहते हैं। हिन्दी में कुछ ऐसे शब्द होते हैं जिनके भिन्न प्रसंगों के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ होते हैं।
शब्द | अर्थ |
अंक | गिनती के अंक, नाटक के अंक, अध्याय, चिह्न, गोद, भाग्य,संख्या। |
अर्थ | मतलब, कारण, लिए, धन, प्रयोजन। |
अक्षर | ब्रह्या, विष्णु, अकारादि, वर्ण, धर्म, मोक्ष, गगन, शिव, सत्य, जल, तपस्या। |
अपवाद | कलंक, वह प्रचलित प्रसंग जो नियम के विरुद्ध हो। |
अतिथि | मेहमान, अपरिचित यात्री, साधु, यज्ञ में सोमलता लानेवाला, अग्नि, राम के पौत्र या कुश का बेटा। |
अनंत | विष्णु, सर्पो का राजा, जिसका कोई अन्त न हो, आकाश। |
अरुण | लाल, सूर्य का सारथ ी, सूर्य। |
अपेक्षा | आशा, आवश्यकता, इच्छा, बनिस्पत। |
आन | टेक, शपथ, दूसरा। |
उत्तर | उत्तर, दिशा, हल, जवाब। |
कनक | सोना, धतूरा। |
कंद | मिश्री, वह जड़ जो गूदेदार और बिना रेशे की हो। |
कषाय | गेरू के रंग का, कसैला। |
केतु | एक ग्रह, पुच्छल तारा, पताका। |
कर | हाथ, सूंड, टैक्स, किरण। |
कर्ण | कर्ण नाम का महाभारत का पात्र, कान। |
कोटि | कमर, करोड़, श्रेणी, धनुष का सिरा। |
कौरव |
