3. हिन्दी व्याकरण : वचन
3. हिन्दी व्याकरण : वचन
वचन
संज्ञा शब्द के जिस रफ़प से यह ज्ञात हो कि वह एक के लिए प्रयुक्त हुआ है या एक से अधिक के लिए उसे वचन कहते हैं। वचन के दो भेद होते हैं।
1. एक वचन : जिस शब्द से एक ही व्यक्ति या वस्तु का बोध हो उसे एक वचन कहते हैं। जैसे लड़का, पुस्तक, केला, गमला, चूहा, तोता।
2. बहु वचन : जिस शब्द से एक से अधिक संख्या का बोध हो, उसे बहु वचन कहते हैं। जैसे- लड़के, पुस्तकें, केले, गमले आदि।
एक वचन से बहुवचन बनाने के नियम
1. आकारांत पुल्लिंग शब्दों के ‘आ’ को ‘ए’ कर देते हैं।
जैसे
लड़का | लड़के |
कपड़ा | कपड़े |
घोड़ा | घोड़े |
कुत्ता | कुत्ते |
2. अकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘अ’ को एं कर देते हैं। जैसे
बात | बातें |
रात | रातें |
आंख | आंखें |
पुस्तक | पुस्तकें |
3. ‘या’ अंत वाले स्त्रीलिंग शब्दों में ‘या’ को ‘याँ’ कर देते हैं। जैसे-
चिड़िया | चिड़ियाँ |
डिबिया | डिबियाँ |
गुड़िया | गुड़ियाँ |
चुहिया | चुहियाँ |
4. आकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में आगे ‘एँ’ लगा देते हैं। जैसे-
कन्या | कन्याएँ |
माता |
